एक नयी रचना – जिसे तुमसे प्यार हो…
आज सोचा हिंदी में कुछ लिख दूं…कुछ लाईनें आपके लिए…
ये गीत मैंने और संदीप ने कई सालों पहले लिखा था, लेकिन आज भी एकदम ताज़ा है…
जिसे तुमसे प्यार हो…
चाहो तुम उसे, उसका नाम लो,
मांगो तुम उसीको उसका साथ दो…
उसको ही हमेशा प्यार तुम करो, उसके ही ख्वाबों में खोये तुम रहो…
जिसे तुमसे प्यार हो…जिसे तुमसे प्यार हो।
सामने आएगी जब वो दिल ये धड्केगा,
आँखें जब देखेंगी उसको मन ये मचलेगा,
उसको जाने ना दो उसको रोक लो
जिसे तुमसे प्यार हो…जिसे तुमसे प्यार हो…
सोच के ये बात जाने क्यों यूं लगता है
अपना सपना सच होगा कल, अरमान जगता है
आंखो से तुम उसकी हर एकआँसू पूँछ लो॥
जिसे तुमसे प्यार हो…जिसे तुमसे प्यार हो…
जिसे तुमसे प्यार हो…
चाहो तुम उसे, उसका नाम लो,
मांगो तुम उसीको उसका साथ दो…
उसको ही हमेशा प्यार तुम करो, उसके ही ख्वाबों में खोये तुम रहो…
जिसे तुमसे प्यार हो…जिसे तुमसे प्यार हो।
सामने आएगी जब वो दिल ये धड्केगा,
आँखें जब देखेंगी उसको मन ये मचलेगा,
उसको जाने ना दो उसको रोक लो
जिसे तुमसे प्यार हो…जिसे तुमसे प्यार हो…
सोच के ये बात जाने क्यों यूं लगता है
अपना सपना सच होगा कल, अरमान जगता है
आंखो से तुम उसकी हर एकआँसू पूँछ लो॥
जिसे तुमसे प्यार हो…जिसे तुमसे प्यार हो…
जिसे तुमसे प्यार हो…
April 16, 2007
Posted in: Creative


One Response
Bahut khoob likha hai. aise hi likhte raho hamesha.
Guess me,
Pyaar se pyaar karne waali…nahi samjhe…Priyanka
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